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Thursday, March 7, 2019

अद्भुत है महादेव का यह मंदिर

हमारे भारत में कई ऐसे मंदिर हैं जिनका रहस्य बहुत ही अनोखा और अद्भुत है। चाहे वह उत्तराखंड के मंदिर हो, या फिर मध्यप्रदेश के। हर मंदिर अपने आप में एक रहस्य छिपाये हुए है। बड़े से बड़े वैज्ञानिक भी आज तक उस रहस्य का पता नहीं लगा पाए हैं। ऐसा ही एक रहस्यमय मंदिर हैं उज्जैन में। काल भैरव मंदिर की उत्पत्ति देवों के देव महादेव के क्रोध से हुई थी। इस मंदिर में खास बात यह है कि यहां सभी भक्त भैरव देव को प्रसाद के रूप में शराब चढ़ाते हैं और भैरव देव साक्षात् रूप में मदिरा पान करते हैं।

भैरव मंदिर में जैसे ही शराब का प्याला भैरव नाथ के मुंह पर लगाया जाता है, वैसे ही शराब का पूरा प्याला खाली हो जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह मंदिर लगभग 5 हजार से भी अधिक वर्षों पुराना है। पुराणों के अनुसार, चार वेदों के विद्वान भगवान ब्रह्मा जी ने जब पांचवें वेद की रचना करने का फैसला किया तो इसके लिए भगवान शिव ने मना कर दिया। जब ब्रह्मा जी नहीं माने तो शिव को क्रोध आ गया और क्रोध से उनकी तीसरी आंख खुल गई जिससे भैरव नाथ की उत्पति हुई। भैरव नाथ ने क्रोधित होकर ब्रह्मा जी का पांचवा मस्तक काट दिया। ब्रह्म हत्या के पाप को दूर करने के लिए भगवान शिव ने उन्हें उज्जैन नदी के तट पर तपस्या करने के लिए कहा। इसके बाद से ही यहां पर भैरव देव की पूजा-अर्चना की जाने लगी।